ICC ने U19 World Cup में बदला खेल, भारत-पाक टक्कर पर रोक

U19 World Cup 2026 शेड्यूल सामने आते ही क्रिकेट हलकों में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। यह चर्चा भारत और पाकिस्तान को लेकर है, जिन्हें ICC ने एक बार फिर अलग-अलग ग्रुप में रखा है। दोनों टीमों के बीच ग्रुप स्टेज में किसी भी मुकाबले की संभावना नहीं होगी। इस फैसले ने फैंस को हैरान भी किया और कई सवाल भी खड़े कर दिए। आखिर ICC ने यह फैसला क्यों लिया और इसके पीछे क्या सोच है?
ICC ने जनवरी–फरवरी 2026 में नामीबिया और जिम्बाब्वे में होने वाले टूर्नामेंट का पूरा कार्यक्रम जारी किया है। सबसे ध्यान खींचने वाली बात यही है कि भारत ग्रुप A में है, जबकि पाकिस्तान को ग्रुप B में रखा गया है। इससे दोनों टीमें लीग स्टेज में एक-दूसरे से नहीं भिड़ेंगी। क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले का इंतजार करते हैं, लेकिन ICC की ताज़ा रणनीति ने यह उत्सुकता कम से कम शुरुआती दौर के लिए खत्म कर दी है।
इस फैसले की सबसे बड़ी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ महीनों में बढ़ा तनाव माना जा रहा है। सीमा पर बढ़ी तनातनी से दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट आई है। कई बार दोनों टीमों के मुकाबलों के खिलाफ आवाज उठती रही है। हालांकि ICC ने महिलाओं के वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दोनों टीमों के मैच कराने की मंजूरी दी थी, लेकिन U19 स्तर पर वह एक सावधानीभरा रुख अपनाती हुई दिखाई दी है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पिछले दो अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में नहीं थे। कई बार यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया जाता है, कई बार broadcasting preference भी इसमें भूमिका निभाता है, क्योंकि बड़े मुकाबले को बाद के नॉकआउट चरणों में प्लान किया जाता है। इस बार भी ऐसा लग रहा है कि ICC चाहती है कि भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत सुपर-6, सेमीफाइनल या फाइनल में हो, जब दर्शकों की संख्या अपने चरम पर होती है।
अब बात करते हैं ग्रुप्स की। ICC ने 16 टीमों को चार ग्रुप में बांटा है। भारत ग्रुप A में न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और USA के साथ है। वहीं पाकिस्तान ग्रुप B में जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के साथ खेलता दिखाई देगा। ग्रुप वितरण से एक बात साफ होती है कि भारत के मैच चुनौतीपूर्ण जरूर होंगे, लेकिन टीम इंडिया अपनी मजबूत परंपरा के साथ आगे बढ़ने की पूरी क्षमता रखती है।
भारत U19 World Cup इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक है और अब तक पांच बार यह खिताब जीत चुकी है। टीम इंडिया अपना अभियान 15 जनवरी 2026 को USA के खिलाफ बुलावायो में शुरू करेगी। यह मैच युवा खिलाड़ियों के लिए अपने कौशल दिखाने का पहला बड़ा मौका होगा। दूसरे मैच में भारत 17 जनवरी को बांग्लादेश से भिड़ेगा और तीसरा मुकाबला 24 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ होगा। तीनों मैच एक ही शहर बुलावायो में होंगे, जिससे टीम की तैयारी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
दूसरी तरफ पाकिस्तान भी एक संतुलित ग्रुप में है। मेजबान जिम्बाब्वे से मुकाबला हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है, खासकर अफ्रीकी परिस्थितियों में। इंग्लैंड एक मजबूत टीम है और उनके खिलाफ मैच हर बार रोमांचक होता है। जबकि स्कॉटलैंड जैसी टीमें कभी-कभी उलटफेर का कारण भी बन जाती हैं। इसलिए पाकिस्तान के लिए भी यह ग्रुप आसान नहीं कहा जा सकता।
ICC का यह फैसला कहीं न कहीं दोनों देशों के राजनीतिक और क्रिकेट संबंधों को ध्यान में रखकर लिया गया लगता है। हालांकि आधिकारिक रूप से ICC ने किसी राजनीतिक पहलू का हवाला नहीं दिया, लेकिन क्रिकेट जगत में यह मान्यता बनी हुई है कि बड़े टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मैच को सुरक्षा और broadcasting value दोनों कारकों के साथ देखा जाता है। इस बार भी संभव है कि ICC knockout stage में भारत-पाक मैच की संभावना को जिंदा रखना चाहती है, क्योंकि ऐसे मैच TRP और global interest दोनों में बड़ा योगदान देते हैं।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा से एशिया ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का कारण रहे हैं। भले ही यह U19 स्तर हो, लेकिन यहां भी इन दोनों टीमों के बीच टक्कर का रोमांच कम नहीं होता। कई दिग्गज खिलाड़ी जैसे विराट कोहली, बाबर आज़म, शुभमन गिल और शाहीन अफरीदी इसी स्तर से अपनी प्रतिभा दिखाते हुए आगे बढ़े थे। यही वजह है कि फैंस U19 स्तर पर भी इस भिड़ंत को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं।
अब एक नजर डालते हैं अन्य ग्रुप्स पर। ग्रुप C में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, जापान और श्रीलंका हैं। ऑस्ट्रेलिया डिफेंडिंग चैंपियन है, इसलिए इस ग्रुप को हल्के में नहीं लिया जा सकता। वहीं ग्रुप D में तंजानिया, वेस्टइंडीज, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें हैं। इन ग्रुपों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, खासकर अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें अपनी अंडर-19 टीम पर काफी ध्यान देती हैं।
U19 World Cup का एक खास पहलू यह भी है कि यह टूर्नामेंट भविष्य के सितारों की पहचान का सबसे बड़ा मंच है। हर संस्करण में कुछ खिलाड़ी ऐसे उभरते हैं जो आगे जाकर इंटरनेशनल क्रिकेट में तहलका मचा देते हैं। इस बार का टूर्नामेंट भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में क्रिकेट का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है, इसलिए यहां तैयार होने वाले युवा खिलाड़ी भी अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि ICC द्वारा भारत और पाकिस्तान को अलग रखना एक रणनीतिक फैसला है। ऐसा इसलिए भी होता है कि टीमों को शुरुआत में आसान नहीं, बल्कि संतुलित और अलग-अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़े। नॉकआउट में संभावित भारत-पाक भिड़ंत से टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ जाएगा। यह broadcasting कंपनियों के लिए भी आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होता है।
भारत की बात करें तो टीम इंडिया की तैयारी इस बार भी मजबूत मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत की U19 व्यवस्था काफी सुदृढ़ हुई है। कोचिंग, ट्रेनिंग, चयन प्रक्रिया—हर स्तर पर खिलाड़ियों को शानदार माहौल मिलता है। इसी वजह से भारत लगातार U19 स्तर पर शीर्ष टीमों में रहा है। USA के खिलाफ पहला मैच भारत के लिए हल्का-फुल्का वार्मअप जैसा माना जा रहा है, लेकिन बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के मैच कठिन साबित हो सकते हैं।
पाकिस्तान की टीम भी युवा प्रतिभाओं से भरी है और जिम्बाब्वे की परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा है। यदि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में अच्छा खेलती हैं, तो सुपर-6 या सेमीफाइनल में भारत-पाक भिड़ंत होना तय माना जा रहा है। और अगर ऐसा हुआ, तो यह मुकाबला विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकता है।
कुल मिलाकर ICC ने शेड्यूल जारी कर दिया है, लेकिन भारत-पाकिस्तान टक्कर की संभावनाओं को एक बार फिर बाद के चरणों के लिए बचा कर रखा गया है। यह फैसला खेल, राजनीति और broadcasting तीनों के संतुलन पर आधारित लगता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीति सफल होती है और क्या नॉकआउट में दोनों टीमें आमने-सामने आती हैं।
“कभी-कभी टूर्नामेंट की असली कहानी वही लिखता है जो मैदान में नहीं, बल्कि ड्रॉ में छिपा होता है।”