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नूंह में अंतिम संस्कार की लकड़ी को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष

JantaTimes Staff21 November 2025 at 9:09 am
नूंह के बिस्सर अकबरपुर गाँव में अंतिम संस्कार की लकड़ी को लेकर दो गुटों के बीच भीषण झगड़ा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
नूंह में अंतिम संस्कार की लकड़ी को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष

नूंह अंतिम संस्कार विवाद उस समय भड़क उठा जब एक परिवार अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के लिए पंचायत भूमि से चिता की लकड़ी लेने पहुँचा। साधारण-सी प्रक्रिया कुछ ही देर में इतने बड़े संघर्ष में बदल गई कि लाठियाँ, डंडे, चाकू और यहाँ तक कि गोली तक चल गई।

यह घटना हरियाणा के नूंह ज़िले के बिस्सर अकबरपुर गाँव की है, जहाँ मंगलवार सुबह धर्मबीर नाम के व्यक्ति का निधन हो गया था। घर में शोक का माहौल था और परिवारजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे। शव घर के भीतर रखा था और सगे-संबंधी परंपरा के अनुसार लकड़ी लेने पंचायत की ज़मीन पर पहुँचे। लेकिन लकड़ी लेने को लेकर पुराना विवाद अचानक भड़क गया और पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पीड़ित पक्ष के सदस्य राजा ने बताया कि वे अपने भाई उदल और बेटे दीपांशु के साथ ट्रैक्टर लेकर लकड़ी लेने पहुँचे थे। उनका कहना है कि वे वर्षों से इसी पंचायत भूमि से लकड़ी लेते आए हैं और इस पर किसी का निजी अधिकार नहीं है। लेकिन उसी दौरान गाँव के ही दूसरे गुट के लोग सुखबीर, रामदेव, रामकिशन, सतबीर, नवीन, प्रशांत, प्रियांशु, पवन और अन्य मौके पर आ गए।

शिकायत के अनुसार, ये सभी लोग मोटरसाइकिल, स्कूटर और कार से पहुँचे थे और उनके हाथों में लाठियाँ, लोहे की रॉड, चाकू और बंदूकें थीं। आरोप है कि रामदेव ने आते ही गालियाँ दीं और कहा कि यह ज़मीन उनकी है तथा यहाँ से लकड़ी नहीं ले जाने देंगे। उसने धमकी देते हुए कहा कि यदि ट्रैक्टर नहीं हटाया तो गोली मार दी जाएगी।

इतना सुनते ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और अचानक दूसरा पक्ष हमला करने लगा। सतबीर ने उदल के सिर पर लाठी से जोरदार वार किया, जिससे वह ज़मीन पर गिर पड़ा। इसके बाद कई लोगों ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

इसी दौरान रोहित और सोनू उसे बचाने आए, लेकिन तभी रामदेव ने कथित रूप से गोली चला दी। गोली रोहित के हाथ में लगी और सोनू भी गंभीर रूप से घायल हुआ। वहीं नवीन ने अभिषेक पर चाकू से हमला किया, जिससे उसके सिर और कान पर गहरी चोट आई।

घटना की आवाज़ सुनकर गाँव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ती देख आरोपी वहाँ से भाग निकले। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

सूचना मिलते ही मोहम्मदपुर अहीर थाना पुलिस वहाँ पहुँची और पीड़ित पक्ष की शिकायत पर दस नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।

गाँव के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि पंचायत भूमि को लेकर यह विवाद कई महीनों से चल रहा था, लेकिन अब तक किसी बड़ी घटना का रूप नहीं लिया था। परंतु अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की हिंसा ने ग्रामीणों को हिला कर रख दिया है। उनका कहना है कि यदि पंचायत या प्रशासन पहले ही इस विवाद को सुलझा देता, तो आज इतनी भयावह स्थिति पैदा नहीं होती।

परिवारजनों का कहना है कि जिस समय उन्हें अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी चाहिए थी, उसी समय उन्हें अस्पताल और पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने पड़े। यह घटना न केवल दर्दनाक है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि ज़मीन और संसाधनों को लेकर विवाद किस स्तर तक पहुँच चुके हैं।

फिलहाल गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों को जल्द सख्त सजा मिलने की उम्मीद कर रहा है।

“अंतिम संस्कार जैसे पवित्र कार्य के बीच हिंसा इस बात का संकेत है कि हमारे समाज में आपसी द्वेष कभी-कभी इंसानियत से भी ऊपर चला जाता है।”
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