Delhi Blast Case में NIA की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ़्तार

Delhi Blast Case Investigation में एक बार फिर बड़ी प्रगति हुई है। National Investigation Agency यानी NIA ने इस केस में एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है, जिसने पूरे मामले को नए एंगल से खोल दिया है। Hindi-English mix में समझें तो ये वही blast है जो 10 November को Red Fort के पास हुआ था और जिसमें 14 लोगों की जान गई थी और करीब 30 लोग घायल हुए थे।
NIA के मुताबिक, ताजा गिरफ्तारी Jasir Bilal Wani की हुई है, जिसे Danish के नाम से भी जाना जाता है। वह जम्मू-कश्मीर के Anantnag जिले के Qazigund का रहने वाला है। जांच एजेंसी का कहना है कि blast से पहले Jasir allegedly तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा था, जिसमें drones को modify करना और rockets बनाने की कोशिशें शामिल थीं। Agency का दावा है कि Jasir ने इस पूरी साजिश में मुख्य आरोपी Umar Un Nabi के साथ मिलकर काम किया था।
इससे पहले NIA ने Amir Rashid Ali को गिरफ्तार किया था, जिस पर आरोप है कि जिस कार में blast हुआ, वह Amir के नाम पर registered थी। Amir Pampore का रहने वाला है और वह कथित तौर पर उमर उन नबी के साथ मिलकर Delhi में कार खरीदने आया था ताकि उसे IED से लोड कर blast में इस्तेमाल किया जा सके। Court ने Amir को 10 दिनों की NIA custody में भेज दिया है ताकि agency उससे और गहराई से पूछताछ कर सके।
NIA का कहना है कि forensic examination के आधार पर vehicle-borne IED चलाने वाले driver की पहचान Umar Un Nabi के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि Umar पेशे से डॉक्टर था और Faridabad की Al Falah University में General Medicine Department में Assistant Professor के तौर पर काम कर रहा था। Agency ने Umar की एक और गाड़ी भी अपने कब्जे में ले ली है और उससे जुड़े सभी नेटवर्क की जांच जारी है।
जांच को मजबूत बनाने के लिए अब तक 73 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है, जिनमें घायलों को भी शामिल किया गया है ताकि blast से पहले और बाद की घटनाओं का पूरा sequence समझा जा सके। यह जांच Delhi Police, J&K Police, Haryana Police और Uttar Pradesh Police समेत कई एजेंसियों के साथ coordination में चल रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामला कितना बड़ा और संवेदनशील है।
इसी बीच, J&K Police की Counter Intelligence Kashmir (CIK) टीम ने एक local doctor से भी पूछताछ की है, जिसने हरियाणा की एक महिला डॉक्टर को accommodation किराए पर दिया था। साथ ही, पुलिस ने car dealers और fertiliser/chemical sellers के antecedents की भी जांच शुरू कर दी है। Faridabad में पहले हुई raids में लगभग 2900 किलो explosive material, खासकर ammonium nitrate, जब्त किया गया था, जिससे शक और गहरा हो गया है कि यह एक बड़ी और well-planned conspiracy थी।
Blast मामले की इस नई गिरफ्तारी से साफ है कि NIA नेटवर्क को परत दर परत खोलने की तैयारी में है। Agency मान रही है कि अभी और लोग सामने आ सकते हैं जो planning, logistics या explosive material arrangement में शामिल थे। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़ी और बड़ी updates मिलने की संभावना है।
“जांच एजेंसी का कहना है कि हर कड़ी जोड़कर ही पूरी साजिश का असली चेहरा सामने आ पाएगा।”