Nepal Election Schedule जारी, March में बड़ा मतदान होने वाला

Nepal Parliamentary Election Schedule को लेकर रविवार को Nepal Election Commission ने आधिकारिक घोषणा कर दी। मार्च 2026 में होने वाले इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए पूरा कैलेंडर जारी किया गया है। इस शेड्यूल के साथ नेपाल की राजनीति एक और बड़े मोड़ पर पहुंच गई है, खासकर ऐसे समय में जब देश की सत्ता, युवा आंदोलनों और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर अस्थिरता बनी हुई है।
Commission के नोटिस के अनुसार, House of Representatives यानी नेपाल की प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए नामांकन 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। यही दिन candidates की list प्रकाशित करने के लिए भी तय किया गया है, जिसे शाम 5 बजे के बाद जारी किया जाएगा। किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने का समय 21 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रखा गया है।
इसके बाद 22 जनवरी को उम्मीदवारों की verified सूची Election Commission द्वारा जारी की जाएगी। जो उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहते हैं, उनके लिए 23 जनवरी दोपहर 1 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। उसी दिन दोपहर 3 बजे तक final list जारी कर दी जाएगी और election symbols भी उम्मीदवारों को allot हो जाएंगे।
Nepal Election Commission के अनुसार मतदान 5 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। नेपाल के संविधान के तहत, कुल 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में 165 सदस्य first-past-the-post यानी direct voting system से चुने जाएंगे, जबकि बाकी 110 सदस्य proportional representation प्रणाली के जरिए चुने जाएंगे।
यह चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है—यह उस राजनीतिक उथल-पुथल के बाद आ रहा है जिसने पिछले कुछ महीनों में नेपाल को अंदर से हिला दिया। 9 सितंबर को प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को हटाया गया था, जब Gen Z के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ और social media ban हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। दो दिनों में 76 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था और सरकार पर भारी दबाव बना।
उसके बाद 12 सितंबर को सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। अब उनकी अंतरिम सरकार के नेतृत्व में मार्च 2026 का यह चुनाव नेपाल के भविष्य की दिशा तय करेगा। यह चुनाव सिर्फ प्रतिनिधियों को चुनने की कवायद नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश, युवाओं की आवाज और शासन की विश्वसनीयता को लेकर एक बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।
Election Commission द्वारा जारी यह सुव्यवस्थित और स्पष्ट शेड्यूल यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध रहे। नेपाल में राजनीतिक संक्रमण का दौर लगभग एक दशक से जारी है और बार-बार की अस्थिरता ने लोगों में निराशा भी बढ़ाई है। ऐसे में यह चुनाव एक मौका है कि जनता खुद तय करे कि देश किस दिशा में आगे बढ़े।
कुल मिलाकर, नेपाल का चुनावी माहौल पहले से ही charged है—राजनीतिक दल पुनर्गठन में लगे हैं, युवा समुदाय खुलकर सड़क पर है और लोगों की उम्मीदें नई सरकार से बहुत ज्यादा हैं। आने वाले कुछ हफ्तों में राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी अभियान दोनों तेज़ होंगे, जिससे नेपाल का socio-political landscape एक बार फिर बदलने वाला है।
“चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का समय नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने का अवसर भी होता है।”