पूर्व मुख्यमंत्री को एमएलसी आवास खाली करने का आदेश; प्रशासनिक पुनर्गठन के बीच पाटना में हलचल || Former Chief Minister ordered to vacate MLC residence

पूर्व मुख्यमंत्री के एमएलसी आवास को खाली करने का नोटिस, हार्डिंग रोड पर नया आवास आवंटित
नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन के चलते आवास परिवर्तन का निर्देश जारी — पटना के राजनीतिक माहौल में बढ़ी चर्चा
नई सरकार के गठन के तुरंत बाद प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज हुईं। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री को उनके वर्तमान एमएलसी आवास को तीन महीने के भीतर खाली करने का नोटिस भेजा गया है।
भवन निर्माण विभाग के आदेश में कहा गया है कि उनके लिए नया आवास आवंटित किया गया है — हार्डिंग रोड, पटना स्थित केंद्रीय पूल आवास संख्या-39। उद्धृत आदेश के साथ पूर्व जारी किसी संबंधित आवंटन को रद्द कर दिया गया है।
नए आदेश के अनुसार अब 10 सर्कुलर रोड स्थित पुराने सरकारी आवास को खाली कर हार्डिंग रोड स्थित आवास में स्थानांतरित होना अनिवार्य होगा। यह कदम प्रशासनिक पुनर्संरचना का हिस्सा बताया जा रहा है।
क्या कहा जा रहा है
- नोटिस में तीन महीने का समय दिया गया है।
- नया आवास केंद्रीय पूल आवास संख्या-39, हार्डिंग रोड है।
- पहला आवंटन रद्द कर नया आदेश जारी किया गया है।
प्रतिक्रिया और प्रभाव
सियासी गलियारों में इस फैसले को प्रशासनिक पुनर्विन्यास के रूप में भी देखा जा रहा है और कुछ विश्लेषक इसे नई राजनीतिक पोजिशनिंग का संकेत भी मानते हैं। हार्डिंग रोड का क्षेत्र प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जाता है।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि नए बोर्ड और विभागों के वितरण के साथ आवासों और कार्यालयों का पुनर्संयोजन सामान्य प्रक्रिया है। यह कदम सत्ता परिवर्तन के बाद होने वाले रूटीन पुनर्गठन से जुड़ा हुआ है।
राज्य की राजनीतिक तस्वीर में हाल ही में मुख्यमंत्री ने दसवीं बार शपथ ली है, 26 मंत्रियों को विभाग आवंटित किए गए हैं और सभी विधायकों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम 1 दिसंबर को निर्धारित है। ऐसे संवेदनशील समय में प्रशासनिक आदेश राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनते हैं।