Red Fort Blast: 3 घंटे पार्किंग में बैठकर Umar Mohammed ने बनाया था 'मौत का बम'

Delhi Blast Case की Investigation में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे मामले में एक key revelation सामने आया है जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, Red Fort के पास Car Blast करने वाला terrorist Umar Mohammed alias Umar un-Nabi, जिसने 13 लोगों की जान ली और 20 को घायल किया, उसने असल में IED (Improvised Explosive Device) को एक busy public parking spot पर बैठकर Assemble किया था।
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही था कि Red Fort के पास Sunehri Masjid के पास वाली पार्किंग में Umar ने वो 3 घंटे (दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:28 बजे तक) क्या किया, जब वह कार से एक बार भी बाहर नहीं निकला। CCTV Footage में उसकी गाड़ी की एंट्री और एग्जिट का टाइम तो था, लेकिन अंदर क्या हुआ, ये एक रहस्य बना हुआ था। अब जाकर Probe Agencies को इसका जवाब मिला है: उसने अपनी कार को ही 'Bomb-Making Lab' बना दिया था।
Plan A हुआ Fail, तब Parking बनी Workshop:
Investigator Sources की मानें तो, Delhi में एंट्री करने के बाद से ही Umar लगातार अपने Handlers के संपर्क में था। वह Mayur Vihar और Connaught Place जैसे इलाकों से गुजरा, लेकिन Final Target Red Fort Parking को चुना गया। इसके पीछे Red Fort की 'Symbolic Significance' थी। हालांकि, Terrorists और उनके Handlers ने एक बड़ी चीज का अंदाज़ा नहीं लगाया था—कि उस दिन Monday था, और Red Fort Visitors के लिए Closed रहता है। Parking Area लगभग खाली था।
Panic और New Target:
जब Plan A (Parking में Blast) fail होता दिखा, तो उन्होंने तुरंत Plan B पर switch किया। Handlers के साथ Discussion के बाद, Target को बदलकर Netaji Subhash Marg कर दिया गया। यह सड़क एक तरफ Red Fort और दूसरी तरफ Crowded Chandni Chowk के बीच है, यानी एक ऐसा इलाका जहां सबसे ज्यादा Public Presence होती है। Terrorist का मकसद Maximum Casualties और Public Panic फैलाना था।
इन Three Crucial Hours में, Umar ने Car के भीतर बैठकर शांति से Explosive Material को Final Shape दिया। जैसे ही 'मौत का बम' तैयार हुआ, वह Parking से निकला और मात्र 24 मिनट बाद (शाम 6:52 बजे) उसने Netaji Subhash Marg पर वह खौफनाक Blast कर दिया।
भागने की नहीं, ‘Panic’ में अटैक की तैयारी:
जांच में यह भी सामने आया है कि Umar ने यह Attack किसी बड़े Plan का हिस्सा मानकर नहीं, बल्कि Panic में किया था। दरअसल, Faridabad से उसके साथी Muzammil और Shaheen (दोनों Doctors) की गिरफ्तारी के बाद उसे लग रहा था कि अब Investigators उस तक पहुंचने ही वाले हैं। अपने पकड़े जाने से पहले, वह किसी भी हाल में 'Mission' को अंजाम देना चाहता था, इसलिए उसने जल्दबाजी में यह Explosives-Laden Car लेकर National Capital में Entry की और 'Fidayeen' style में इस वारदात को अंजाम दिया। यह दिखाता है कि यह पूरी घटना Terror Module के टूट जाने के बाद एक 'Desperate Act' था। यह पूरी कहानी बताती है कि एक ‘White-Collar Terror Module’ देश के सबसे Sensitive locations में कैसे एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। जांच अभी भी जारी है, और इस Network से जुड़े और भी लोगों की तलाश की जा रही है।
“Security Agencies के लिए यह एक Wake-Up Call है कि Public Parking जैसे Ordinary Spots भी अब Terrorists के लिए 'Temporary Bomb Factory' बन सकते हैं।”